बीसीए संवाददाता सम्मलेन :-बिहार क्रिकेट को व्यक्तिगत स्वार्थ के कारण बदनाम कर रहें है कुछ लोग -संजीव मिश्रा

Khelbihar.Com।पटना।।

विगत दिनों बीसीए के सचिव और अध्यक्ष पर लगे आरोप पर मीडिया कमेटी के चेयरमैन संजीव कुमार मिश्र ने कहा की इन लोगो पर कोई मामला नहीं बनता है , कमेटी ऑफ़ मैनेजमेंट ने सचिव का पहलू को जान और आरोपित नीरज कुमार के कारण बताओ नोटिस के जवाब पर सचिव को क्लीन चिट दिया है। दोनों आरोपितों पर कारवाई चल रही है। जाँच बिहार पुलिस और बीसीए के सीईओ के द्वारा अलग अलग की जा रही है , शीघ्र हीं इसके बारे में विस्तार से बताया जायेगा।

बिहार में क्रिकेट को समाप्त करने की मुहिम चल रही है , और इसमें काफी लोग ऐसे भी जुड़े हुए है जो कभी बिहार क्रिकेट के संचालन में महती भूमिका अदा कर रहे थे। ये बातें बिहार क्रिकेट एसोसिएशन के मीडिया कमेटी द्वारा आयोजित संवाददाता सम्मलेन में नार्थ ज़ोन के चेयरमैन संजय कुमार ने कही .

वेस्ट ज़ोन के चेयरमैन – ज्ञानेश्वर गौतम ने कहा की बिहार में क्रिकेट हो, व्यक्तिगत नफा – नुकसान के आधार पर एसोसिएशन का उपयोग करने वालों की सोंच कभी पूरी नहीं होगी , हम लोग एक जुट है

इस संवाददाता सम्मलेन में बीसीए के पुर चेयरमैन , जूनियर सेलेक्शन कमेटी के पैसे लेने से सम्बंधित ऑडियो और आदित्य वर्मा के पुत्र मोह का विडिओ भी दिखाया गया, जिसमे आदित्य वर्मा स्पष्ट कह रहे है , की मेरे बेटे को किसी भी तरह से खेलाइये , बाकि हमें कोई मतलब नहीं है।

इस संवाददाता सम्मलेन में आदित्य वर्मा द्वारा सुप्रीम कोर्ट में पिटीशनर होने का किस तरह से नाजायज लाभ उठाकर मीडिया और प्रसाशन के गुमराह किया जा रहा है , उस पर भी मीडिया कमेटी के संयोजक के द्वारा उस पर भी एक अख़बार में छपे खबर , एक पोर्टल पर चले खबर और सुप्रीम कोर्ट का 14 मार्च के आर्डर को सामने लाकर बताया गया।

इस अवसर पर बिहार बीसीए नार्थ ज़ोन के चेयरमैन – संजय कुमार , वेस्ट ज़ोन के चेयरमैन – ज्ञानेश्वर गौतम , सेंट्रल ज़ोन के चेयरमैन – मदन लाल , ईस्ट ज़ोन के चेयरमैन – हरिओम झा , साउथ ज़ोन के चेयरमैन – दिलीप सिंह आदि उपस्थित थे। कई जिलों के अध्यक्ष , सचिव , बीसीए के कुछ कोच , मैनेजर और बिहार का प्रतिनिधित्व कर रहे कई खिलाड़ी मौजूद रहे।

इस अवसर पर संवाददाता सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे बीसीए मीडिया कमेटी के चेयरमैन संजीव मिश्रा ने मिडिया को सम्बोधित करते हुए कहा की बिहार क्रिकेट को बदनाम करने मुहिम चली हुई है , तरह तरह से हथकंडा अपना कर, कुचक्र रच कर , कुछ लोग बिहार क्रिकेट को अस्थिर करने में लगें हैं। समाज , प्रसाशन और मीडिया को गुमराह कर ये लोग बिहार में क्रिकेट बंद करवाने का असफल प्रयास कर रहे है। उन्होंने कहा की ।

अजय जडेजा का मामला हो या श्रीसंत का , सभी मामले में बीसीसीआई अपने नियमों के अनुसार कार्य करती है , आपको मालूम है की बीसीसीआई के द्वारा सभी मामलों में बीसीसीआई के संविधान के अनुरूप ही प्रक्रिया अपनाई गयी . श्री मिश्र ने कहा की किसी तरह के गलत मामले आने पर बीसीए सख्त कारवाई करती है।

इसी सत्र में पुड्डुचेरी और उत्तराखंड के दर्जनों खिलाड़ियों को निलंबित किया गया है। यहाँ तक की पुड्डुचेरी को अपनी टीम के अधिकांश खिलाड़ियों को बदलना पड़ा था। बिहार में भी जब भी कोई शिकायत मिलता है, कारवाई की जाती है , बीसीसीआई के नजर जब कोई मामला आता है तो वहां से भी कारवाई की जाती है। इसी सत्र में बिहार के कई खिलाड़ियों को बीसीसीआई के द्वारा दण्डित किया जा चूका है। साथ ही बीसीए ने अनुसाशन की कारवाई की है।

आज जो हालत बिहार क्रिकेट के बारे में बताने की कोशिश की जा रही यही इन लोगों के दवरा , वैसी स्थिति बिलकुल नहीं है। इतना बड़ा एसोसिएशन है , काफी लोग प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से जुड़े हुए है , हो सकता है की कुछ गलत लोग भी हों , जैसे जैसे पहचान उजागर होती जा रही है , वैसे वैसे कारवाई हो रही यही , आगे भी होती रहेगी , ये सब कार्यप्रणाली का एक अहम् हिस्सा है। श्री मिश्रा ने आदित्य वर्मा पर कटाक्ष करते हुए कहा की उनको बिहार के हजारों बेटे की नहीं वरन अपने बेटे की हीं केवल ज्यादा चिंता है।

इसके बाद बीसीए नॉर्थ ज़ोन के चेयरमैन और बेगूसराय जिला क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव संजय कुमार ने कहा की आदित्य वर्मा के पीछे कुछ ऐसे लोग है जो स्वयंभू अपने आप को बीसीए मान लिए थे , जो यह समझ रहे थे की हम है तो बीसीए है , अन्यथा कुछ नहीं। श्री कुमार ने कहा की बीसीए किसी की जागीर नहीं है , आज कोई है कल कोई और आएगा , मुख्य बात यह है की क्रिकेट चलते रहना चाहिए। उन्होंने कहा की बीसीए एक लोकतान्त्रिक संस्था है , और जिस पर सभी जिला क्रिकेट एसोसिएशन को पूर्ण विश्वास है , लोकतान्त्रिक प्रणाली में एक अवधि के बाद लोग आते है और जाते है , पिछले चुनाव में रविशंकर प्रसाद सिंह सचिव निर्वाचित हुए , और उनके कार्य काल में बीसीए ने जो उपलब्धता हांसिल की , वो कुछ लोगो के लिए जलन का विषय बन गया। यही कारन रहा की रविशंकर प्रसाद सिंह को बदनाम करने के लिए , सुनियोजित तरीके से पूरे बिहार को दिग्भर्मित करने के लिए , एक मकड़ा का जाल बना गया। इस षड्यंत्र में परदे की पीछे जितने भी लोग है , उन सारे लोगो में एक समानता है , की या तो वो अपने बेटे को क्रिकेट खेलवाना चाहते है या फिर अपनी दुकानदारी चलाना चाहते है। जो रविशंकर प्रसाद सिंह के रहते हुए संभव नहीं हुआ , जिसके अनेक ऑडियो वीडियो है। एक बात और की बीसीए और बिहार के क्रिकेटरों के भविष्य को बचाने के लिए हमारे सचिव ने अनेकों बार अपमान के घूँट को पीने का काम किया है, और आज भी बिहार क्रिकेट को संवारने में लगे है।

जाली सर्टिफिकेट के मुद्दे पर बोलते हुए पटना जिला के अध्यक्ष प्रवीण कुमार प्रणवीर ने कहा की जाली सर्टिफिकेट या सही सर्टिफिकेट इसको देने का काम खिलाड़ियों का होता है , और इसमें किसी भी जिला या राज्य के किसी भी पदाधिकारी का कोई भी भूमिका नहीं होती है। हमलोगो के पास इतना संसाधन नहीं है की सभी सर्टिफिकेट की जाँच की जा सके , मगर जब भी कोई शिकायत मिलती है , तो बीसीए और बीसीसीआई के द्वारा कठोर कारवाई की जाती है ,और भी की जाती रहेगी। एक सत्र में हजारों खिलाड़ी का रजिस्ट्रेशन होता है , और उनके सर्टिफिकेट का फिजिकल जाँच करना संभव नहीं हो पाता है।

वेस्ट ज़ोन के चेयरमैन – ज्ञानेश्वर गौतम खेल से खेल करने वालों लोगों का पर्दाफाश हो गया है , आने वाले दिनों में ये समाज में मुँह दिखाने के काबिल नहीं रहेंगे। इनलोगों की साजिश की वजह से आज मोइनुल हक़ स्टेडियम बीसीए से वापस हो गया। मैं पूछता हूं की नुकशान किसका हुआ , बीसीए का या बिहार के खिलाड़ियों का , इनलोगो को इतना भी पता नहीं की जिस डाल पर बैठे है , उसी को काट रहे है। श्री गौतम ने कहा की आज जहाँ अन्य राज्यों में खेल हो रहा है , वहीँ बिहार में खेल से खेल हो रहा है।

साउथ ज़ोन के चेयरमैन – दिलीप सिंह ने कहा की जिस प्रकार का इंफ्रास्ट्रक्चर है हमारे यहाँ , और जिस तरह से बीसीए ने बीसीसीआई के द्वारा आयोजित मैचों की सफल मेजबानी कीहै , और हमारे खिलाड़ी बाहर जाकर जो प्रदर्शन किये है , इससे बड़ा कोई आईना नहीं हो सकता है , बीसीए की सफलता का।

बीसीए मीडिया कमेटी के संयोजक संतोष झा ने आदित्य वर्मा से जुड़े कुछ वीडियों दिखाए , और सुनील कुमार (पूर्व चेयरमैन , जूनियर सेलेक्शन कमेटी ) के होने वाले अनशन पर उनके सम्बन्ध में पैसे के लेन देन से सम्बंधित ऑडियो भी सुनाया गया। श्री झा ने बिहार के उन खिलाड़ियों के लिए एक हेल्पलाइन मेल:-biharplayers.bca@gmail.com भी जारी किया , जिस पर कोई भी खिलाड़ी किसी प्रकार की शिकायत कर सकता है , शिकायत करने वाले का नाम गोपनीय रखा जायेगा , और उनके शिकायत पर कारवाई भी होगी।

इस अवसर परU-16 के कोच अली रशीद , U-19 के कोच अशोक कुमार ,U-23 के मैनेजर रणवीर मेहता , अरवल के सचिव धर्मवीर पटवर्धन , जमुई के सचिव संजय कुमार , गया के सचिव संजय कुमार , नालंदा के सचिव अजय सिंह , खगड़िया के सचिव सदानंद, सुपौल के सचिव शशिभूषण सिंह, बक्सर के सचिव दुर्गा वर्मा , लखीसराय के अध्यक्ष प्रेम रंजन पटेल , सचिव अरविन्द कुमार, सचिव कटिहार रितेश कुमार सहित दर्जनों खिलाड़ी उपस्थित थे।