क्रिकेट के बड़े ब्लैकमेलर हैं आदित्य वर्मा : कृष्णा पटेल

पटना 17 अक्टूबर:  बिहार क्रिकेट एसोसिएशन के अधिकारी धर्मवीर पटवर्धन के ऊपर लगाए जा रहें आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए बीसीए मीडिया कमेटी के संयोजक कृष्णा पटेल ने पलटवार करते हुए कहा है कि जो खिलाड़ी वीडियो वायरल कर मनगढ़ंत आरोप लगाते दिख रहे हैं?

उनकी कुछ तस्वीरों को आप लोग के समक्ष प्रस्तुत कर रहा हूं जिसमें मोहम्मद जफर इमाम नामक खिलाड़ी आदित्य वर्मा को अपना आदर्श मानते हैं। तो मैं सर्वप्रथम पत्रकार बंधुओं, खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों से यह एक प्रश्न का जवाब जानना चाहता हूं कि क्रिकेट में करियर तराशने वाले किसी क्रिकेटर का आदर्श कोई राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय स्तर का बड़े क्रिकेटर हो सकते हैं या क्रिकेट का कोई खलनायक?

क्योंकि जहां तक मेरी समझ है और दुनिया की राय होती है की शिक्षा के क्षेत्र में भविष्य बनाने वाले विद्यार्थी किसी बड़े साइंटिस्ट, डॉक्टर, इंजीनियर, आईएस और आईपीएस सहित प्रतिष्ठित और विद्वान लोगों को अपना आदर्श मानते हैं किसी बेरोजगार को नहीं।

अब मैं मोहम्मद जफर इमाम और प्रशांत कुमार सिंह द्वारा जारी वीडियो के माध्यम से बीसीए अधिकारी पर लगाए गए तथाकथित आरोप का खंडन करते हुए बताना चाहता हूं कि जफर इमाम एंटी एसोसिएशन गतिविधियों में शामिल होने के कारण पहले ही बीसीए द्वारा दो वर्ष के लिए प्रतिबंधित किए जा चुके हैं। वहीं प्रशांत कुमार सिंह भी फर्जी कागजात मामले में बीसीसीआई द्वारा प्रतिबंधित हुए थें।

जिसे अपना मोहरा बनाते हुए खिलाड़ियों को सिलेक्शन कराने का ख्वाब दिखाते हुए दिग्भ्रमित कर आदित्य वर्मा ने इस प्रकार का भ्रामक अफवाह फैलाने का कुकृत्य कार्य कर रहे हैं।

जिसका मूल कारण यह है कि मोइनुल हक स्टेडियम में चल रहे सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के सिलेक्शन ट्रायल के दरमियान अपने बेटे लखन राजा सहित अन्य असामाजिक तत्वों के साथ पहुंचे और चयन समिति के सदस्यों के साथ बैठने का प्रयास कर रहे थें। जिस पर ट्रायल का देखरेख कर रहे बीसीए अधिकारी धर्मवीर पटवर्धन ने वहां पर बैठने से मना कर दिया। यह देख आदित्य वर्मा सहित अन्य असामाजिक तत्त्वों ने अपना आपा खो दिया और बीसीए अधिकारी को धमकाते हुए कहा कि मैं तुम्हें बर्बाद कर दूंगा तुम्हें पता नहीं है कि मेरे रहमों करम से बीसीए है।

अब आगे देखना कैसा- कैसा वीडियो और ऑडियो बनता है। जिसके बाद आदित्य वर्मा ने लगातार किसी न किसी माध्यम से बेबुनियाद आरोप लगाते हुए बीसीए अधिकारी के चरित्र को हनन करने का प्रयास कर रहे हैं और बीसीए की छवि को धूमिल करने में जुटे हुए हैं। इस पूरे मामले की सूचना सह शिकायत पटना के वरीय पुलिस पदाधिकारी को बीसीए अधिकारी धर्मवीर पटवर्धन द्वारा दी जा चुकी है। प्रकाशित अखबारों में इस बात का जिक्र खुद आरोप लगाने वाले जफर इमाम ने किया है कि बीसीए के कोई पटवर्धन सर हैं जो हम से पैसे की मांगे कर रहे हैं।

तो मैं यहां जानना चाहूंगा कि जब खिलाड़ी पैसे की मांग करने वाले को सही से जानता तक नहीं है और बात उनसे हुई हीं नहीं तो किस आधार पर यह खिलाड़ी बीसीए अधिकारी पर आरोप लगाया ?यह केवल और केवल आदित्य वर्मा द्वारा रचित है जिसमें ये दोनों खिलाड़ी इनके इस खेल के खिलाड़ी और मंचीय कलाकार भी हैं।

कृष्णा पटेल ने आगे कहा कि आदित्य वर्मा उस व्यक्ति और व्यक्तित्व का नाम है जो हमेशा अपने हीं राज्य की माटी को धूमिल करने में जुटे हुए हैं और क्रिकेट के बड़े खलनायक हैं।

वास्तविकता यह है कि आदित्य वर्मा को दूर-दूर तक बिहार के क्रिकेट और क्रिकेटरों से कोई लेना देना नहीं है इनको सिर्फ अपने बेटे लखन राजा से मतलब है। जिसको बिहार टीम में शामिल कराने के लिए कभी बीसीसीआई तो कभी बीसीए को लगातार ब्लैकमेल करते आ रहे हैं। सच्चाई यही है कि क्रिकेट के सौदागर का दूसरा नाम है आदित्य वर्मा।

 

मैं आपको इस ओर ध्यान आकृष्ट कराना चाहता हूं जब बीसीसीआई के अध्यक्ष एन. श्रीनिवासन को आदित्य वर्मा ने एक मामले में‌ फसाने का अथक प्रयास किया उसके बाद ब्लैकमेल करते हुए अपने बेटे लखन राजा को श्रीनिवासन की कंपनी में कार्यरत कराते हुए मामला को रफा-दफा किया।

वहीं इससे पूर्व बीसीए के सचिव रविशंकर प्रसाद सिंह को ब्लैकमेल करते हुए अपने बेटे को बिहार टीम में शामिल किए जाने पर कदम से कदम मिलाकर चलने का वादा किया और ऐसा नहीं करने पर बीसीए को बर्बाद करने की धमकी दे डाली।इस बात की पुष्टि और स्पष्टीकरण हेतु मैं आप लोग के समक्ष एक ऑडियो प्रस्तुत कर रहा हूं जिसे सुनने के बाद दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।

(कृष्णा पटेल द्वारा खेलबिहार को एक ऑडियो भेजी गई  वह ऑडियो खेलबिहार के पास उपलब्ध है लेकिन खेलबिहार उस ऑडियो क्लिप की सही होने की पुष्टि नही करता है)